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मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) एक बार फिर 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता लगातार असफल होती दिख रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अराघची पाकिस्तान के नेताओं के साथ मिलकर युद्ध खत्म करने के लिए नई रणनीति और प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं।
ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ कहा है कि अगर ईरान परमाणु हथियार छोड़ने को तैयार हो जाए, तो युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि फिलहाल आमने-सामने बातचीत की जरूरत नहीं है और बातचीत फोन के जरिए भी हो सकती है।
क्यों अहम है इस्लामाबाद दौरा?
पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है ईरान अपने “युद्ध समाप्ति फ्रेमवर्क” को साझा कर रहा है अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद में अभी भी गतिरोध बना हुआ है विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश है।
शांति वार्ता में अड़चनें
अमेरिका की शर्त ईरान परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद करे
ईरान की मांग: प्रतिबंध हटाए जाएं और सुरक्षा की गारंटी मिले
दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी इन्हीं कारणों से अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है।
वैश्विक असर
इस टकराव का असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है:कच्चे तेल की कीमतों में उछाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz) में तनाव वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता !
ईरान के विदेश मंत्री का बार-बार इस्लामाबाद दौरा इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक कोशिशें अभी जारी हैं, लेकिन समाधान अभी दूर है।
हालांकि, ट्रंप के बयान से उम्मीद जरूर जगी है कि अगर शर्तें मान ली गईं, तो युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।

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